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29 Nov 2018

चंद्रकुंवर बर्त्वाल

उत्तराखंड के साहित्यकार (चंद्रकुंवर बर्त्वाल)


                                                 चंद्रकुंवर बर्त्वाल

जन्म परिचय

जन्म - 20 अगस्त 1919
उपनाम - रसिक
स्थान - मालकोटी गाँव, चमोली
मृत्यु - 14 सितम्बर 1947


काव्य संग्रह

 कंकड़ पत्थर
 पयस्वनी
 सुन्दर असुंदर
 जीतू
 मेघ नंदिनी
 विराट ज्योति
 गीत माधवी






गद्य संग्रह
 
 प्रणयिनी
 शापित भूमि से उपजा एक विलक्षण कुंवर
 नागिनी
 उस विलक्षण के कुछ पत्र

अन्य महत्त्पूर्णतथ्य

इन्होने एम ए तक शिक्षा प्राप्त की
1939 में इसकी कविताये कर्मभूमि में प्रकाशित हुई
 इनकी काव्य प्रतिभा पर शम्भू प्रसाद बहुगुणा ने नागिनी शीर्षक से पुस्तक प्रकाशित की
 इनकी काफल पाको कविता को हिंदी के सर्वश्रेष्ट गीत के रूप में स्वीकार किया गया
हिमालय के सौन्दर्य का अत्यधिक वर्णन करने के लिए उन्हें हिमवंतपुत्र भी कहा गया

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